“जंगल में भगदड़” THE JUNGLE STORY

JUNGLE STORY

“जंगल में भगदड़”

JUNGLE STORY

हम दिन भर में जितनी बातें सुनते हैं , बिना सत्यता जाने ना केवल उसको मान लेते हैं , बल्कि बढ़ा चढ़ाकर उसको आगे भी परोस देते हैं ।

एक बार रुक कर ज़रा सा ध्यान दीजिये…. कहीं अफवाहें फैलाने वालों में आप और हम भी तो नहीं…….. ?

पढ़ते हैं आज की कहानी –

JUNGLE STORY
“जंगल में भगदड़”
JUNGLE STORY

एक बार की बात है, सुंदरवन में एक नदी के किनारे कुछ खरगोश खेल रहे थे ।

तभी वहां एक ऊंचे से नारियल के पेड़ से एक बड़ा सा नारियल टूट कर नदी में गिरा ।

नदी में उसके गिरते ही बहुत तेज़ आवाज़ आई “छपाक”।

यह आवाज़ सुन कर वह खरगोश डर गए और भागने लगे ।

उन्हें भागते देख वहीं घास खा रहे हिरणों ने उनसे पूछा कि – क्या हुआ ?

खरगोश बोले कि भागो छपाकू आ गया ।

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यह सुन कर बिना कुछ सोचे समझे हिरण भी भागने लगे ।

इन्हें भागते हुए देख कर पास में ही भोजन की तालाश कर रहीं लोमड़ियों ने भी पूछा – क्या हुआ ?

हिरनों ने बताया कि भागो छपाकू आया ।

बहुत बड़ा है  मार डालेगा ।

लोमड़ियां भी इनके साथ भागने लगीं ।

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थोड़ी ही देर में इनके साथ जंगल के सभी जानवर भालू, चीते, जिराफ़, हाथी, गैंडे आदि सभी भागने लगे ।

कोई कह रहा था छपाकू बहुत भयंकर है उसके बहुत बड़े बड़े दांत हैं ।

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कोई कह रहा था कि उसके बड़े से नाखून है ।

एक ही वार में किसी का भी खात्मा कर देता है ।

जितने मुँह उतनी बातें, पूरे जंगल मे भगदड़ मच गई ।

जिसका जिधर मुँह उठा वो उधर ही  अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था ।

सब यही चिल्ला रहे थे कि भागो छपाकू आया, वो सबको मार डालेगा, बहुत ताकतवर और भयंकर है ।

अपनी जान बचाओ ।

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ये तमाम जानवर भागते जा रहे थे , भागते भागते ये शेरों की मांद के आगे से गुजरने लगे ।

वहीं आराम करते शेरों ने इन्हें रोका और भागने का कारण पूछा ।

जानवरों ने उन्हें बताया कि जंगल मे एक नया जानवर “छपाकू” आ गया है ।

वह बहुत ही ख़तरनाक है ।

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वो इतना ताकतवर है कि एक ही वार से ताकतवर से ताकतवर जानवर को भी मार डालता है ।

जान बचानी है तो तुरंत भाग चलो ।

यह सुनकर शेर भी भागने लगे ।

बूढ़े शेर की सूझबूझ

वहीं उन शेरों में एक बूढ़ा शेर भी था,  उसने इन भागते शेरों और जानवरों को रोका ।

उसने सभी को पास बुलाया और पूछा कि किस ने उस जानवर को देखा है ।

सारे जानवर एक दूसरे का नाम लेने लगे ।

थोड़ी ही देर में यह सच्चाई सामने आ गई कि किसी ने भी उस जानवर को नहीं देखा सिवाय खरगोशों के ।

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खरगोशों को बुलाया गया और उनसे पूछा गया तो उन्होंने भी कहा कि उन्होंने उसे  देखा  नहीं सिर्फ उसकी आवाज सुनी है ।

यह सुनकर शेर ने खरगोशों से कहा कि हमें उस स्थान पर ले कर चलो जहां तुमने उस जानवर की आवाज सुनी है ।

खरगोश सभी जानवरों को लेकर वहीं नदी के किनारे पहुंच गए ।

सभी जानवर डरते डरते वहां पहुंचे और इधर उधर देखने लगे ।

तभी हवा के झोंके के साथ फिर एक नारियल टूट कर पानी मे गिरा ।

उसके गिरने से फिर वही आवाज़ हुई “छपाक” ।

खरगोश डर के मारे चिल्लाने लगे यही आवाज थी – यही आवाज थी ।

अब सारा मामला सभी जानवरों को समझ आ गया था ।

और सभी ज़ोर ज़ोर से खरगोशों की और अपनी मूर्खता पर हंसने लगे ।

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निष्कर्ष 

 दोस्तों आम जिंदगी में भी यही होता है ।

अफवाहें ऐसे ही उड़ती हैं । हम भी सुनी सुनाई बात को बिना जाँचे परखे सही मान कर किसी दूसरे आदमी को कह डालते हैं ।

फिर वो आदमी तीसरे को, तीसरा चौथे को और उसमें अपनी पसंद अनुसार हर व्यक्ति कुछ अतिशयोक्ति की मिलावट भी करता चला जाता है ।

इस तरह राई का पहाड़ बन कर कोई छोटी सी बात एक बड़ी अफवाह बन कर फैल जाती है ।

“ज़रा सोचें – सुनी सुनाई बातों पर बिना जाँचे परखे विश्वास करना कहाँ तक उचित है ।”

“अफवाहों और अफवाह फैलाने वालों से हमेशा सावधान रहें ।”

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 ~END~

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