सोलह सोमवार व्रत विधि, SOLAH SOMVAR VRAT VIDHI

सोलह सोमवार व्रत विधि

SOLAH SOMVAR VRAT VIDHI

SOLAH SOMVAR VRAT VIDHI
सोलह सोमवार व्रत विधि
SOLAH SOMVAR VRAT VIDHI

SOLAH SOMVAR VRAT VIDHI, सावन के महीने में भगवान शिव को प्रसन्न कर अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए सावन सोमवार का विशेष महत्व है ।

पूरी श्रद्धा और विश्वास से व्यक्ति अगर महादेव की उपासना करे तो प्रभु जल्द ही प्रसन्न हो जाते हैं तथा अपने भक्त की मनोकामनाएँ पूर्ण कर देते हैं ।

सावन के सोमवार के व्रत में भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा की जाती है ।

शास्त्रों के अनुसार सोमवार के व्रत तीन प्रकार के होते हैं, सोमवार, सोलह सोमवार और प्रदोष व्रत ।

SOLAH SOMVAR VRAT VIDHI

व्रत करने की विधि इन सभी व्रतों में समान होती है ।

इन व्रतों को अगर सावन के महीने में आरंभ किया जाय तो अधिक  शुभ माना जाता है ।

ज़रूर पढ़ें – सोलह सोमवार व्रत कथा : Solah Somvar Vrat Katha 

व्रत के नियम

  1. सावन सोमवार व्रत सूर्योदय से प्रारंभ कर तीसरे पहर तक किया जाता है ।
  2. शिव पूजा के बाद सोमवार व्रत की कथा सुननी आवश्यक है ।
  3. व्रत रखने वाले को ब्रम्ह मुहूर्त में सो कर उठ जाना चाहिए ।
  4. पूरे घर की अच्छी तरह से सफाई कर के स्नानादि से निवृत हो जाना चाहिए।
  5. गंगा जल से पूरे घर को पवित्र करना चाहिए ।
  6. घर मे ही किसी शुद्ध, पवित्र स्थान पर भगवान शिव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें ।
  7. भगवान शिव का अभिषेक जल या गंगाजल से होता है, परंतु विशेष दिनों में अपनी मनोकामना के अनुसार दूध, दही, घी, शहद, चने की दाल, भांग , धतूरा , बेल-पत्र  आदि कई चीजों से भी अभिषेक करने की विधि प्रचलित है ।
  8. उसके बाद पंचाक्षरी मंत्र  ” ॐ नमः शिवाय “ बोलते हुए “सफेद फूल, सफेद चंदन, चावल, पंचामृत, सुपारी, फल, गंगाजल, सुपारी इत्यादि से शिव और पार्वती का पूजन करना चाहिए ।
  9. पूजन विधि के दौरान महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र या पंचाक्षरी मंत्र का जाप करते रहना आवश्यक है ।
  10. भगवान की पूजा करने के बाद सावन के सोमवार की व्रत कथा अवश्य करें ।
  11. पूजा करने के बाद प्रसाद पहले सभी लोगों में वितरित करें तत्पश्चात खुद ग्रहण करें ।
  12. दिन में केवल एक बार भोजन करने का प्रावधान है ।

अगर हम इन बातों का ध्यान रखें तथा पूरे विधि विधान से  श्रद्धा पूर्वक सावन के सोमवार व्रत करें तो भगवान शिव प्रसन्न होकर अपने भक्त की मनोकामनाएं अवश्य पूरी करते हैं।

आज ही पढ़ें –

सोलह सोमवार व्रत कथा : Solah Somvar Vrat Katha 

“कांवड़ महिमा और कांवड़ कथा”

काँवड़ यात्रा नियम ( सावधानियाँ )

महाशिवरात्रि की कथा व महत्व

             

ॐ नमः शिवाय
~~END~~

अगर आपको यह कहानी उपयोगी लगी हो तो कृपया इसे अपने दोस्तो के साथ शेयर ज़रूर कीजिये।

आप अपनी राय, सुझाव या विचार हमे comments के माध्यम से भेज सकते है। 

धार्मिक व पौराणिक कथा-कहानियों के लिए यहाँ CLICK करें 
For Submit your stories CLICK HERE
 आप ऐसी और कहानियाँ 

(Motivational short stories/समयानुसार धार्मिक सूचनाएँ) 

videos के रूप में अपने मोबाइल में प्राप्त करने के लिए,CLICK HERE   

Must Read

सोलह सोमवार व्रत कथा : Solah Somvar Vrat Katha 

“कांवड़ महिमा और कांवड़ कथा”

काँवड़ यात्रा नियम ( सावधानियाँ )

महाशिवरात्रि की कथा व महत्व

आखिर ! क्यूँ हुआ अर्जुन को अकेले वनवास”

“क्या यही ज़िंदगी है”

“होनी – अनहोनी” 

“रूपान्तरण  The Transformation”

तलाश  “ईश्वर की खोज और मन का खेल”

“क्या सचमुच भगवान आए थे” – मन की व्याख्याएँ 

तृष्णा – और और की दौड़ 

जीवन यात्रा 

“मन की गति”– मन चलता बहुत है पर पहुंचता कहीं नहीं। ज़रूर पढ़ें।

उप वास श्री कृष्ण और रुक्मणी जी की बहुत प्यारी कथा

बढ़ते चलो   परिस्थितियाँ कितनी भी मुश्किल क्यूँ ना हो, कठिनाइयों के आगे कभी हार नहीं मानना ।

“प्रारब्ध”  कर्मो के फल किस तरह हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं । 

“सच्ची प्रार्थना“

“जीने की कला”

“मूर्ख बना बुद्धिमान”

 

Share and Enjoy!

Pocket

Leave a Reply