“भगवान कहाँ है” STORIES MOTIVATIONAL

STORIES MOTIVATIONAL

भगवान कहाँ है 

STORIES MOTIVATIONAL

अक्सर हमें बचपन से यही सिखाया जाता है कि भगवान हर जगह है, लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं कि हम सभी में भगवान को न देखकर, अपनी बुद्धि अनुसार भगवान का होना या ना होना अपनी मर्ज़ी से ही नियुक्त करते हैं…..!

STORIES MOTIVATIONAL
“भगवान कहाँ है !!” 
STORIES MOTIVATIONAL

बहुत समय पहले की बात है एक आश्रम में एक गुरुजी अपने शिष्यों को शिक्षा दिया करते थे ।

उनके शिष्यों में से एक जिज्ञासु शिष्य ने एक दिन गुरुजी से पूछा कि गुरुजी क्या ईश्वर सचमुच है और अगर है तो उसका वास कहाँ  है ।

गुरुजी ने कहा – हाँ, ईश्वर सचमुच है और वो सब जगह मौजूद होता है ।

हम सभी में उसका वास है ।

मुझ में, तुम में, इंसानों में, जानवरों, सभी जीव जंतुओं में वह रहता है ।

ज़रूर पढ़ें – “बढ़ते चलो”   परिस्थितियाँ कितनी भी मुश्किल क्यूँ ना हो, कठिनाइयों के आगे कभी हार नहीं मानना ।

जिसमे भी जीवन है उसमें ईश्वर का वास है ।

शिष्य ने गुरुजी की बात याद कर ली।

हाथी का हमला 

कुछ दिनों बाद कुछ शिष्य जंगल में लकड़ी लेने गए ।

तभी सामने से एक हाथी बेकाबू होकर दौड़ता हुआ आता दिखाई दिया।

ज़रूर पढ़ें – “तृष्णा” – और और की दौड़ 

हाथी के पीछे-पीछे महावत चिल्लाता आ रहा था – भागो-भागो, दूर हट जाओ, हाथी बेकाबू हो गया है, भागो दूर हटो।

यह सुनकर सभी शिष्य भाग कर सुरक्षित जगह पर पहुंच गए ।

परन्तु वह जिज्ञासु शिष्य अपनी जगह से नहीं हिला ।

वह केवल हाथी को अपनी ओर आते देखता रहा ।

महावत और उसके साथी चिल्लाते रहे की हटो हाथी का रास्ता छोड़ो ।

लेकिन उस शिष्य ने किसी की एक न सुनी ।

ज़रूर पढ़ें – “रूपान्तरण” – The Transformation

वह वहाँ से नही हटा और हाथी ने उसे टक्कर मार कर एक तरफ गिरा दिया ।

गिरते ही शिष्य अपना होश खो बैठा।

STORIES MOTIVATIONAL

कुछ देर बाद उसे होश आया तो उसने देखा कि आश्रम में गुरुजी और शिष्य उसेे घेरकर खड़े हैं ।

गुरु जी ने उससे पूछा कि हाथी तुम्हारी तरफ तुम्हारी मौत बन कर दौड़ा चला आ रहा था  तो तुम रास्ते से क्यों नहीं हटे ?

शिष्य ने कहा – गुरुजी आपने ही तो बताया था कि हर जीव में ईश्वर है ।

इसका मतलब है कि हाथी में भी ईश्वर  है।

मैंने सोचा कि सामने से हाथी नहीं ईश्वर चले आ रहे हैं और यही सोचकर मैं अपनी जगह पर खड़ा रहा, क्योंकि ईश्वर को ईश्वर से कैसा खतरा ?

ज़रूर पढ़ें – “क्या यही ज़िंदगी है”

पर ईश्वर ने मेरी कोई मदद नहीं की।

गुरुजी की शिक्षा 

गुरुजी यह सुन मुस्कुराए और बोले- बेटा, मैंने कहा था कि हर जीव में भगवान है।

जब तुमने यह माना कि हाथी में ईश्वर  है तो तुम्हें यह भी ध्यान रखना चाहिए था कि महावत में और तुम्हारे साथियों में भी ईश्वर है ।

जब ईश्वर रूपी महावत और तुम्हारे साथी चिल्लाकर चिल्लाकर तुम्हें सावधान कर रहे थे तो तुमने उनकी बात पर ध्यान क्यों नहीं दिया?

यह बात सुनकर सभी शिष्य हंसने लगे और इस शिष्य को उसकी बात का जवाब मिल गया था।

निष्कर्ष 

दोस्तों भगवान हर जगह है । हर किसी में है । 

वह खुद प्रकट होने के बजाय हजारों लाखों रूपों के जरिये हम तक पहुँच कर अपनी बात पहुंचाते हैं ।

“ईश्वर सब कहीं, हर किसी में मौजूद रहता है…। हम उसे कहाँ देख पाते हैं  यह हमारे विवेक पर निर्भर करता है ।”

STORIES MOTIVATIONAL

 ~END~

“माया” Shri Krishna Sudama Story

अगर आपको यह कहानी उपयोगी लगी हो तो कृपया इसे अपने दोस्तो के साथ शेयर ज़रूर कीजिये।

आप अपनी राय, सुझाव या विचार हमे comments के माध्यम से भेज सकते है। 

धार्मिक व पौराणिक कथा-कहानियों के लिए यहाँ  CLICK करें
For Submit your stories CLICK HERE
 आप ऐसी और कहानियाँ 

(Motivational short stories/समयानुसार धार्मिक सूचनाएँ) 

videos के रूप में अपने मोबाइल में प्राप्त करने के लिए,CLICK HERE

Must Read

“माया” Shri Krishna Sudama Story Beautiful

“उप वास” श्री कृष्ण और रुक्मणी जी की बहुत प्यारी कथा

सोलह सोमवार व्रत विधि

“कांवड़ महिमा और कांवड़ कथा”

काँवड़ यात्रा नियम ( सावधानियाँ )

महाशिवरात्रि की कथा व महत्व

आखिर ! क्यूँ हुआ अर्जुन को अकेले वनवास”

“क्या यही ज़िंदगी है”

“होनी – अनहोनी”- भगवान विष्णु की बेहद प्यारी कथा  

“रूपान्तरण – The Transformation”

तलाश  “ईश्वर की खोज और मन का खेल”

“क्या सचमुच भगवान आए थे” – मन की व्याख्याएँ 

तृष्णा – और और की दौड़ 

जीवन यात्रा 

“मन की गति”– मन चलता बहुत है पर पहुंचता कहीं नहीं। ज़रूर पढ़ें।

बढ़ते चलो   परिस्थितियाँ कितनी भी मुश्किल क्यूँ ना हो, कठिनाइयों के आगे कभी हार नहीं मानना ।

“प्रारब्ध”  कर्मो के फल किस तरह हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं । 

“सच्ची प्रार्थना“

“जीने की कला”

“मूर्ख बना बुद्धिमान”

 

Share and Enjoy!

Pocket

Leave a Reply